jodhpur police suspension
Jodhpur News
Kudi Bhagtasni Police Station, Jodhpur (राजस्थान) में सोमवार रात — एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें एक अधिवक्ता (वकील) और पुलिस के बीच विवाद हो गया
बताया जा रहा है कि वकील, Bharat Singh Rathore, वहाँ एक बलात्कार पीड़िता का बयान दर्ज कराने आए थे। उस दौरान पुलिसकर्मी बिना वर्दी पहनकर बयान ले रहे थे — जिस पर वकील ने आपत्ति जताई।
वर्दी-न पहनने की बात सुनकर थाने के Hamir Singh (SHO / थाना प्रभारी) भड़क गए। है आरोप कि उन्होंने वकील से अभद्र व्यवहार किया — वकील की कोट फाड़ दी गई, धमकियाँ दी गईं (“151 में बंद कर दूंगा”, आदि), और कथित तौर पर धक्का-मुक्की भी हुई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ; तब वकील समुदाय में रोष भड़का।
न्यायिक व प्रशासनिक कार्रवाई
मामला शिकायत मिलते ही, Rajasthan High Court (हाई-कोर्ट) ने “स्वयं संज्ञान (suo motu cognizance)” लिया।
पुलिस आयुक्त, डीसीपी-पश्चिम सहित वरिष्ठ अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया गया।
कोर्ट ने आदेश दिया कि दोषी SHO और एक कांस्टेबल (रीडर) को निलंबित किया जाए, साथ ही थाने के पूरे स्टाफ को “लाइन हाजिर” किया जाए।
साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि पुलिसकर्मियों को “सॉफ्ट-स्किल ट्रेनिंग” (शिष्टाचार, संवाद कौशल आदि) दी जाए ताकि भविष्य में ऐसा न हो।
मामले की जांच अब एक आईपीएस रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है।
वकील समुदाय व जनता की प्रतिक्रिया
घटना के बाद वकीलों ने भारी विरोध जताया — थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन हुए।
Rajasthan High Court Lawyers Association और अन्य वकील संघों ने रविवार (दिनांक आधारित) को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया।
वकील इस कार्रवाई को “कानून व न्याय की जीत” मान रहे हैं, और उन्होंने साफ कहा है कि दोषी पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
महत्त्व — यह क्यों मायने रखता है
यह घटना दिखाती है कि जब पुलिस का व्यवहार न्यायालय में पेश वकील या नागरिकों के प्रति अनुचित हो, तो कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकता है — इससे “पुलिस जवाबदेही” की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलते हैं।
इससे यह प्रेसिडेंट बनता है कि पुलिस और वकील/नागरिकों के बीच शक्ति-द्वंद्व में सरकारी अधिकारी भी जवाबदेह होते हैं।
“सॉफ्ट-स्किल ट्रेनिंग” जैसे निर्देशों से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ कम होंगी, और आम जन व वकीलों को पुलिस थानों में सुरक्षित व्यवहार मिलेगा।
